बलांगीर: ओडिशा के बलांगीर जिले के तेंतुलीखुंटी गांव से एक अजीब और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक शख्स ने नशे की हालत में जिंदा कोबरा सांप को खा लिया। जानकारी के मुताबिक, युवक ने नशे में धुत होकर कोबरा सांप को मुंह में डाल लिया और उसे चबाने लगा। बताया जा रहा है कि उसने सांप को कई टुकड़ों में तोड़कर निगल लिया।

कैसे हुई ये घटना?

यह घटना उस वक्त हुई जब युवक पूरी तरह नशे की हालत में था। जब उसके परिवार वालों ने उसे देखा तो उसकी हालत बहुत गंभीर थी। तुरंत ही उसे इलाज के लिए भीमभोई मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है।

युवक की हालत फिलहाल बेहद नाज़ुक बनी हुई है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। जिंदा सांप को निगलने से उसके शरीर में जहर फैलने की आशंका जताई जा रही है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।

डॉक्टर ने क्या बताया?

भीमभोई अस्पताल के डॉक्टर ने कहा, “मेरी जानकारी में आया कि एक व्यक्ति ने एक सांप के टुकड़े-टुकड़े कर उसे निगल लिया है। देखने से यह दृश्य बड़ा ही भयंकर लगता है। आम लोग सोचते हैं कि अगर एक व्यक्ति ने सांप निगल लिया है या खा लिया है तो वह व्यक्ति जिंदा नहीं बचता लेकिन वैज्ञानिक तौर पर ऐसा नहीं है। 100 सांपों में से सिर्फ 10 सांप ही विषैले होते हैं जो प्रति पूर्णिमा या प्रति 14 दिनों में बाहर निकलते हैं। ऐसे सांप जब बिल से निकलने के बाद पहली बार डसते हैं तो वह खतरनाक होता है। ऐसे सांप किसी को काटें तो जहर का परिमाण अधिक होता है।”

डॉक्टर ने कहा, “दूसरी तरफ एक तथ्य ये भी है कि जब सांप का जहर खून में मिलता है,तो ही वह ज्यादा नुकसानदायक होता है लेकिन अगर किसी ने कोई सांप खा लिया है तो सांप के विषैले कीटाणु,जो पेट के अंदर जाते हैं उसे हमारे पेट के अंदर मौजूद गैस्ट्रिक एसिड नष्ट करने की क्षमता रखता है और आम तौर पर न्यूट्रलाइज कर देता है। इसीलिए हम सुनते हैं कि चीन और अन्य कई देशों में सांप को लोग खा जाते हैं। कई देशों में सांप की सब्जी और आचार भी बनाया जाता है। सांप खा लेना खतरनाक नहीं है अगर खाने वाले व्यक्ति के मुंह के अंदर कोई चोट नहीं है। अगर खाने वाले व्यक्ति के मुंह के अंदर कोई चोट है या खून का रिसाव हुआ हो, तो सांप का असर वैसा ही होता है जैसे उसके काटने पर होता है।”

डॉक्टर ने कहा, “कई जगहों पर ऐसे शो भी होते हैं जहां लोग सांप खा जाते हैं। ऐसा इसलिए संभव होता है क्योंकि सांप के विष से अधिक शक्तिशाली हमारे पेट के अंदर मौजूद गैस्ट्रिक एसिड होता है। सांप 14 दिनों में एक बार विषैला बनता है। सांप के कम विषैले होने के दौरान अगर कोई उसे खा लेता है तो गैस्ट्रिक एसिड द्वारा वह जहर न्यूट्रलाइज हो जाता है। हमने अभी पीड़ित व्यक्ति को मॉनिटर पर रखा हुआ है। पीड़ित के मुंह के अंदर भी अगर कोई चोट नहीं होगी या पेट में कोई अल्सर नहीं होगा तो विष का असर नहीं होगा, ऐसी हम आशा कर रहे हैं।”

मामले की जांच की जा रही है कि आखिर युवक ने ऐसा कदम क्यों उठाया। क्या यह महज शराब के नशे में किया गया खतरनाक काम था, या इसके पीछे कोई और वजह है , यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। स्थानीय लोगों के बीच यह घटना चर्चा का विषय बन गई है और सभी युवक की सलामती की दुआ कर रहे हैं। डॉक्टर लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। 

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